मातृत्व वंदना योजना से गर्भवती महिलाओं को मिल रहा लाभ, 9 हजार 235 हितग्राहियों को 1 करोड़ 66 लाख 87 हजार की राशि का हुआ ऑनलाईन भुगतान
(रोहित साहू) सुकमा:- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से बच्चों के सेहत की देखभाल अब बहुत ही आसान हो गई है। इस योजना के तहत गर्भावस्था से लेकर बच्चे जन्म तक जच्चा-बच्चा के देखभाल के लिए पांच हजार रुपए दिए जा रहे हैं। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2019 से जून 2020 तक इस योजना के तहत जिले के 9 हजार 235 हितग्राहियों को 1 करोड़ 66 लाख 87 हजार रूपये का ऑनलाईन भुगतान किया गया है।
निम्न आय वर्ग की कामकाजी महिलाओं को मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा प्रदान कर उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संबंधी विशिष्ट शर्तों की पूर्ति पर परिवार में पहले जीवित बच्चे के लिए गर्भवती महिला एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को पांच हजार रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किया जाता है। यह राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में तीन किस्तों मे प्रदान की जाती है। प्रथम किस्त में गर्भधारण का पंजीयन कराने पर एक हजार रूपये तथा दूसरी किस्त गर्भधारण के 6 माह बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच कराने पर दो हजार रूपये और तीसरी किस्त में बच्चे का जन्म पंजीकरण कराने पर एवं बच्चे का बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी तथा हैप्टाईटिस-बी सहित पहले चक्र का टीकाकरण कराने पर 2 हजार रूपये की राशि प्रदान की जाती है।
सुकमा के कुम्हाररास स्थित आंगनबाड़ी क्रमांक 01 की कार्यकर्ता श्रीमती दयावती यालम ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से हितग्राहियों को बहुत लाभ मिल रहा है। ग्रामीण महिलाएं स्वयं आंगनबाड़ी केन्द्र आकर इस योजना के लिए आवेदन करती हैं। इस योजना के कारण संस्थागत प्रसव को भी प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनके द्वारा 10 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है जिनमे से कुछ महिलाओं को पहली किस्त का राशि मिल चुकी है। जनवरी 2020 से अब तक लगभग 15 गर्भवती महिलाओं को इस योजना की तीनों किस्त की राशि का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है।
मातृत्व वंदना योजना से लाभान्वित कुम्हाररास निवासी श्रीमती करिश्मा नाग ने बताया की मातृत्व वंदना योजना के तहत उनके पहले बच्चे के लिए 3 हजार की राशि का भुगतान हुआ है तथा शिशु के एक वर्ष के उपरान्त दो हजार रुपए का आखिरी किस्त प्रदान की जाएगी। वहीं श्रीमति पार्वती नाग एवं श्रीमती बालमती नाग ने बताया कि उन्हें इस योजना के तहत पांच हजार की राशि प्रदान हुई है। लाभान्वित हितग्राहियों ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अंचल की गर्भवती महिलाओं के लिए कारगर साबित हो रही है, इस योजना के तहत प्राप्त राशि से शिशु के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदी में आर्थिक सहायता मिल रही है।
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