दुर्गुकोंदल जनपद पंचायत के 44 ग्राम पंचायतों में गौठानों हरेली त्यौहार के दिन गोधन न्याय योजना का किया जाएगा शुभारंभ।


(गैंदलाल मरकाम) दुर्गुकोंदल :- दुर्गुकोंदल जनपद पंचायत के 44 ग्राम पंचायतों में गौठानों हरेली त्यौहार के दिन 20 जुलाई को गोधन न्याय योजना का शुभारंभ किया जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी के एल फाफा ने इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने समस्त ग्राम पंचायत सचिव को जनपद सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि गौठान समिति को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाने के लिए विभिन्ना आर्थिक गतिविधिया संचालित की जाएगी।

इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने जिन गांवों में गौठान निर्माण नहीं हुआ है, वहां पर गोठान के लिए भूमि चिन्हांकित करने के लिए निर्देश दिए। चिन्हांकित भूमि में अहाता निर्माण, वर्मी टांका, शेड, सीपीटी आदी तैयार कर, गो-धन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी प्रारंभ की जाएगी।

जिन गौठानों में हरेली त्यौहार के दिन गोधन न्याय योजना प्रारंभ होगी वहां, गोबर विक्रेताओं के कार्ड, तौल मशीन आदि की ब्यवस्था सुनिश्चित करने जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया।हरेली त्यौहार के दिन गोठानों में पौधरोपण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पौधों की सुरक्षा के लिए गोठान से जुड़े स्व-सहायता समूह के द्वारा निर्मित बांस के ट्री गार्ड का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए योजना के तहत बांस उपलब्ध करवा कर व आर्थिक मदद भी की जाएगी। पूर्ण हो चुके गोठानों व प्रगतिरत गोठानों की जानकारी दी।गोधन न्याय योजना के तहत गौ पालकों से खरीदे गये गोबर से तैयार किये गये वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पादों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर बेचा जाएगा।

गौ पालकों से गोबर की खरीदी गौठान समितियों द्वारा परिवहन शुल्क सहित दो रूपये प्रति किलो के हिसाब से की जायेगी। गौठान समिति अपने ग्राम पंचायत में शामिल गांव के ही गौ पालकों से गोबर खरीदेगी। गोबर खरीदने के लिए गांव में जाने समय सारिणी निर्धारित होगी।

गौठान समितियों द्वारा गोबर पशु पालकों से खरीदा जायेगा। अपने पशुओं द्वारा उत्पादित गोबर की बिक्री पशुपालक के लिए पूरी तरह से स्वैच्छिक होगी। गोठान समितियां हाथ में उठाये जाने लायक अर्द्घ ठोस प्रकृति का ही गोबर खरीदेंगी। कांच, प्लास्टिक, मिट्टी आदि अपशिष्टों वाला गोबर नहीं खरीदा जायेगा। गोबर से बने अन्य उत्पाद जैसे कंडा आदि नहीं खरीदे जायेंगे।

गोठान समितियां पशुपालकों से खरीदे गये गोबर का पूरा लेखा-जोखा भी रखेंगी। हरेक पशुपालक के लिए गोबर खरीदी कार्ड या क्रय पत्रक बनाया जायेगा। खरीदे गये गोबर की मात्रा की कार्ड में एंट्री की जायेगी और इस पर पशुपालक के भी हस्ताक्षर लिये जायेंगे। गोठानों में आने वाले पशुओं के लिए पहले की तरह ही हरे चारे की यथासंभव व्यवस्था गोठान समितियों द्वारा की जायेगी।

 पशुपालकों से खरीदे गये गोबर को गोठान में लाकर सीपीटी में रखा जायेगा और 15-20 दिन के बाद वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए उपयोग किया जायेगा। पशुपालकों से खरीदे गये गोबर की मात्रा अनुसार भुगतान हर 15 दिन में होगा। गोबर को तौलने के लिए तराजू या कैलिब्रेटेड फर्मा का उपयोग किया जायेगा। गोठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम स्थानीय स्व सहायता समूह करेंगे। इस काम में चरवाहों को भी जोड़ा जाएगा।

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