वन अधिकार पत्र के तहत मिले जमीन में आधुनिक कृषि से बुद्धूराम के परिवार की बढ़ रही समृद्धि

बुद्धू की बदली तकदीर, बदली खेत और परिवार की तस्वीर

(रोहित साहू) सुकमा:- जिस जमीन पर बुद्धूराम के पुरखे बरसों से खेती कर रहे थे, वह जमीन बुद्धूराम को कानूनन मिलने पर उसकी किस्मत ही चमक गई।
कुकानार के पेरमापारा में रहने वाले बुद्धूराम ने बताया कि उनके पूर्वज लगभग डेढ़ एकड़ जमीन में कोदो-कुटकी और कोसरा की खेती करते थे, मगर वर्षों से की जा रही खेती के बावजूद यह जमीन उनकी नहीं थी और यह शासकीय भूमि थी।


शासन द्वारा इस भूमि के लिए वन अधिकार पत्र देने के साथ ही उन्नत कृषि के लिए भी प्रोत्साहित किया गया और इसके लिए लगातार सहयोग भी किया गया। उन्होंने बताया कि शासन के लगातार प्रोत्साहन से उसका हौसला बढ़ा और उसने अपने खेत में सौर सुजला योजना के तहत अनुदान पर कृषि पम्प स्थापित करने के साथ ही लगभग एक एकड़ में ड्रिप भी लगवाया है।
यहां वह करेला, तोरई, सेमी, बरबट्टी, भिंडी आदि सब्जियों के साथ ही विभिन्न प्रकार की भाजियां भी लगा रहे हैं। उनकी सब्जियां ताजी होने के कारण कुकानार, तोंगपाल, रोकेल और छिंदगढ़ के बाजारों में अच्छे दाम में बिक रही हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा बाड़ी कार्यक्रम के तहत भी सब्जी बीज, खाद और मजदूरी के लिए सहयोग प्रदान करने से उसका कार्य आसान हो रहा है।


बेहतर हो रही आर्थिक स्थिति से परिवार में भी अब खुशहाली आ रही है। इसी का परिणाम है कि बुद्धूराम ने पिछले साल ट्रैक्टर भी खरीद लिया है। समृद्धि की ओर बढ़ते कदम से बुद्धूराम के परिवार का हौसला बढ़ा है।


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