तालाब खुदवा तीन साल से नहीं किया भुगतान दुसरें बैंक में खाता खुलवा खुद रख ली रकम कमीषन की खेल में फंसा राषि


(गैंदलाल मरकाम) दुर्गूकोंदल:-  मत्स्य विभाग द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए नीलक्रांति योजना के तहत किसानों की नीजि जमीन पर तालाब खोदकर मछली पालन कराना हैं। इसके तहत किसानों की जमीन पर तालाब खुदवाया गया हैं। अधिकारी पिछले तीन साल से मछली विभाग और बैंक का चक्कर काट रहें हैं। उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। कुछ न कुछ बहाना बनाकार उनके मामले को लटकाया जा रहा हैं। दो हितग्राहियों के राशि मछली विभाग के पूर्व के अधिकारियों के कमीशन के चलते भुगतान नहीं मिल पाया है।


    हितग्राही के तालाब का खनन का कार्य दुर्गूकोंदल के बाबूलाल चैधरी ने किया है और हितग्राहियों ने यह वादा किया था कि मछली विभाग से जैसे ही राशि मिलेगी आपको दे देगे।
कमिशन नहीं देने के कारण उनका भुगतान लटका हुआ हैं जबकि हितग्राहियों से राशि अधिकारी ही निकवाकर वापस लेकर हजम कर लिये इसकी शिकायत तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू से भी की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाही नहीं हुई जिसने हितग्राहियों के तालाब खोदे उन्हे राशि तीन साल बाद भी नहीं मिला।


कमीशन नहीं मिलने हितग्राही की राशि खुद रख लीः
बाबूलाल चैधरी ने बताया दुर्गुकोंदल ब्लाॅक के दियागांव के संगराम कोमरा का विभाग के द्वारा तालाब खनन का कार्य मैंने किया था 3.50 लाख रूपये में 2.80 लाख रूपये स्वीकृत हुआ। जब मैं हितग्राही को राशि मांगी तो कहा कि विभाग के तत्कालीन मछली निरीक्षक श्रीवास्तव मुझे कांकेर लेकर गये और वहां सेंट्रल बैंक में खाता खुलवाया। मुझे चेक में हस्तरक्षर करवाकर पैसे निकाल लिए। मुझे मात्र 3 हजार रूपए दिए गए और सारी राशि विभाग के लोग रख लिए। जिससे खनन करने वाले को मैं पैसा नहीं दे पाया हुं कहा हम उससे हिसाब कर लेगेे।
  ऐसा ही दुसरा मामला है दुर्गुकोंदल की जगोतीन बाई का राशि को भी विभाग के अधिकारी ने बैक में जमा कराकर तत्काल राशि को वापस निकाल ली और तालाब खनन करने काम मैंेने किया था मुझे पैसा नहीं दी। इनका तत्कालीन मछली निरीक्षक डीके श्रीवास्तव द्वारा पीएनबी बैंक भानुप्रतापपुर में खाता खुलवाकर हितग्राही से 2.80 लाख रूपए निकलवाए। आने जाने के खर्च के लिए 1 हजार रूपये दिया गया और राशि स्वयं रख ली।
बबूलाल चैधरी ने मछली विभाग के तत्कालीन निरीक्षक डीके श्रीवास्तव  पर गंभीर आरोप लगाया है कि तालाब खनन की दो हितग्राहियों की राशि 5.60 खुद रख लिये और मुझे कहा गया कमीशन के 40 प्रतिशत में कट गया इस प्रकार मछली विभाग में 40 प्रतिशत में कमीशन का खेल लंबे समय से चल रहा है
शिकायत होने लगी तो करा ली तबादला


चैधरी ने कहा कि एक साल पहले मछली विभाग के कमीशन के खिलाफ लगातार शिकायत आने लगी तो तत्कालीन जिला मत्स्य अधिकारी एसके साहू, और दुर्गूकोंदल मछली निरीक्षक ने अपना दुसरे जगह तबादला करा दिया ताकी शिकायत दब जाये इसकी शिकायत पहले तत्कालीन कलेक्टर रानू साहु, वर्तमान कलेक्टर केएल चैहान से भी की गई है।


कमीषन लेते, और हिसाब करते वीडियों
एक वीडियों में दो हितग्राहियों का राशि को कमीशन में काटने का स्पष्ट बातचीत हो रही है और एक और वीडिया है जिसमें डीके श्रीवास्तव पैसे लेते भी दिखाई दे रहा है यह वीडियों भी बाबूलाल चैधरी ने जारी कर बताया है। चैधरी ने एक बार फिर से दोनों हितग्राहियों की राशि दिलाने की मांग की है।
तत्कालीन दुर्गुकोंदल मछली निरीक्षक डीके श्रीवास्तव ने कहा कि सभी हितग्राहियों के राशि उनके खाते में जमा हो गई कोई न राशि रखी हैं। हितग्राही ही अपने खाते से राशि निकाले होगे बाबूलाल चैधरी से राशि का लेना देना होता था कमीशन की कोई बात नहीं है वीडियों गलत है  आरोप बेबुनियाद  हैं।
फोटो संलग्न

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