नारायणपुर:-लॉकडाउन में फंसे छात्र श्रेयास सकुशल लौटे, बेमेतरा की छात्रा ममता की मदद कर लाये साथ।


गैंदलाल मरकाम नारायणपुर की रिपोर्ट.9407674348
  नारायणपुर 03 मई 2020/- राजस्थान के कोटा में फंसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राओं का विगत मंगलवार से  का आना शुरू हो गया है  ।नारायणपुर के छात्र  श्रेयास सिन्हा, पुत्र विशोका नन्द सिन्हा   जयपुर में मेडिकल की कोचिंग कर रहे थे वे भी शनिवार 2 मई को जयपुर से कोटा पहुँचकर सकुशल वापस आगये है । उन्हें नारायणपुर के पड़ोसी ज़िला कांकेर में 14 दिन तक क्वारनटीन सेंटर में रखा गया है । देश के सबसे बड़े कोचिंग हब कोटा में फंसे छत्तीसगढ़  के छात्र-छात्राओं को लाने के लिए छत्तीसगढ़ से लगभग  97 बसें राजस्थान के कोटा लिए पिछले महीने  26  अप्रैल को रवाना हुई थीं ।

छात्र  श्रेयास सिन्हा जो जयपुर में नीट की तैयारी कर रही थे उनका कहना है कि हॉस्टल में खाने की थोड़ी परेशानी आ रही थी. बाहर सामान लेने नहीं जा पा रहे थे और नारायणपुर में माँ-पापा भी परेशान हो रही थे । लेकिन अब वो यहां आकर खुश हैं। समाचार और पिता से जानकारी मिली कोटा बसें आयेंगी पर उसके आसपास ज़िलों और जयपुर में तैयारी करने वाले छात्रों के बारे में कोई ज़िक्र नही था तो मन उदास हो जाता था। लेकिन कहते है अन्त भला तो सब भला। श्रेयास  ने बताया कि वह जयपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर निकल आए थे। उन्हें फ़ोन पर जानकारी  मिली की छत्तीसगढ़ जिले बेमतरा की छात्रा ममता साहू भी जयपुर में फँसी है । बिना देर किए वापस टेक्सी जयपुर के वापस लौटे ओर ममता को अपने साथ टैक्सी में कोटा तक लाए । छत्तीसगढ़ के नोडल अधिकारी श्री मुकेश कोठारी ने उनकी सराहना की । ममता और माँ-पिता ने उनका धन्यवाद किया । अलावा कुछ छात्रों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से वो खुद को अकेला महसूस कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें घर की याद आ रही थी. लेकिन खाने- पीने को लेकर ज्यादा दिक्कत नहीं आ रही थी । अपने राज्य लौटने पर सभी छात्रों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का शुक्रिया अदा किया ।

     अधिकांश बसें  यहाँ पहुंचते ही सारे छात्रों की स्क्रीनिंग कराई गई । उनमें नारायणपुर के तीन छात्र और एक छात्रा शामिल थी । इनकी जांच के लिए चार टीमें लगाई गई हैं. जिलों के आधार पर इनकी स्क्रीनिंग की गई । साथ ही अधिकारी कोरोना वायरस और लॉकडाउन से जुड़े नियम की जानकारी भी दी गई । क्वारनटीन का 14 दिन पूरा होने के बाद यहां से इन छात्र-छात्राओं को इनके परिवार को  सौंपा जाएगा।  देश के सबसे बड़े कोचिंग हब कोटा में फंसे छत्तीसगढ़ के  छात्र-छात्राओं को लाने के लिए लगभग 97 बसें राजस्थान के कोटा लिए विगत 26 अप्रैल को रवाना हुई थीं ।
   श्रेयास के माता-पिता ने क्षेत्रीय विधायक श्री चंदन कश्यप सहित छत्तीसगढ़ के उपायुक्त परिवहन अंशुमन सिसोदिया, पुलिस अधीक्षक जयपुर (कलवाड) श्री कवेंद्र सागर का तहेदिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया है । स्थानीय प्रशासन के बारे में उन्होंने कहा कि एसे समय में और तेज़ी से काम करने की ज़रूरत बतायी। पिता सिन्हा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक श्री सागर ने काफ़ी मदद की बच्चे को टैक्सी कराकर पास बनवाकर कोटा तक भेजने में उनका योगदान रहा । मुख्यमंत्री के इस निर्णय को उन्होंने स्वागत किया ।
           
गैंदलाल मरकाम नारायणपुर की रिपोर्ट.9407674348

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