नारायणपुर:- लॉक डाउन के बाद ये बेशहारा हो गए, इन विक्षिप्तों को कोरोना फाइटर्स टीम द्वारा रोजाना सुबह शाम समय पर भोजन दिया जा रहा हैं

जिला नारायणपुर से संवाददाता
गैंदलाल मरकाम की रिपोर्ट.9407674348

जिला मुख्याल नारायणपुर शहर के अंदर चार विक्षिप्त जो की लॉक डाउन से पहले आसपास से खाने को भोजन प्राप्त हो जाता था,मानसिक स्थिति ठीक नही होने के कारण जैसा तैसा अपना जीवन यापन कर रहे थे, किन्तु 23 मार्च लॉक डाउन के बाद ये बेशहारा हो गए, इन विक्षिप्तों को कोरोना फाइटर्स टीम द्वारा रोजाना सुबह शाम  समय पर भोजन दिया जा रहा हैं

 किन्तु साफ सफाई से नही रहना, कहीं भी सो जाना बिना नहाए घूमना, आज की विषम परिस्थियों में इन सब का बहुत महत्व है कोरोना जैसे महामारी से लड़ने के लिए इसका पालन प्रत्येक व्यक्ति कर रहा हैं, ठीक उसी प्रकार इन विक्षिप्तों का बीड़ा पुलिस प्रशासन एवं कोरान फाइटर्स टीम ने उठाया, दीपक सॉव (आर.आई) के नेतृत्व में कोरोना फाइटर्स टीम द्वारा सर्वप्रथम इन विक्षिप्तों को नगर में ढूंढा गया, वाहन के माध्यम से चारों को पुलिस लाइन लाया गया, भूखे प्यासे, इन्हें नाश्ता दिया गया, पुलिस लाइन में इन चारों के  बाल कटवाए गए, नहलाया गया एस.आई. दिवाकर जी ने स्वयं अपने हाथों से उनके नाखून काटें पाउडर क्रीम तेल लगवाकर तैयार कर, सभी विक्षिप्तों को  साफ कपड़े पहना गया भोजन कराया गया, इनकी दिमागी हालत ठीक नही होने के कारण यहां वहाँ भटकते फिर रहे थे।

 पुलिस प्रशासन एवं कोरोना फाइटर्स टीम के इस सराहनीय कार्य से इनका उपचार करवा कर इन्हें मनोचिकित्सक मनोरोग बीमारी हेतु आश्रम में भेजने का प्रयास किया जा रहा है। इन विक्षिप्तों की दशा सुधारने में व कोरोना महामारी से बचाने के लिए सेनेटाइज़ कर साफ सफाई से रहने को सिखाया जा रहा है, मुख्य रूप से इस कार्य को पूर्ण करने में दीपक सॉव (आर.आई.) दिवाकर जी अनुराग नाग, डॉ वली आज़ाद, बिन्देश, नाग, नरेश, रामकीर्तन, कोरोना फाइटर्स टीम का अहम योगदान रहा।
 शहर में घूमते हुए मानसिक रोगियों को आसरा देने के लिए समाज पुलिस,ज़िला प्रशासन के कर्मचारी सहित कोरोना फ़ाइटर्स के लोग जुटे हुए है। लॉकडाउन में किसी भी प्रकार की समस्या के लिए टोल फ्री नम्बर 104 और दूरभाष पर नम्बर 112 या अन्य किन्ही माध्यमों से पता चलने पर जरूरतमंद, बुजुर्ग, तृतीय लिंग के व्यक्तियों और बेसहारा लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित घरौंदा आश्रय गृहों में 18 वर्ष से अधिक आयु के लकवा, बौद्धिक, मंदता, स्वपरायणता (ऑटिज्म) और बहुनिःशक्तता से पीड़ित रोगियों को निःशुल्क आजीवन रहने की व्यवस्था की गयी है। यहां उनकी देख-भाल और संरक्षण का समुचित प्रबंध भी किया जाता है। वर्तमान में राज्य में 4 घरौंदा आश्रय गृह रायपुर,बिलासपुर,अम्बिकापुर और कोरिया में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से संचालित हैं।

जिला नारायणपुर से संवाददाता
गैंदलाल मरकाम की रिपोर्ट.9407674348

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