समूह की महिलायें कचरे से बना रही है कंचन, नारायणपुर में 4 टन कचरा करती हैं इकट्ठा।
जिला नारायणपुर से।
गैंदलाल मरकाम की रिपोर्ट।
समूह की महिलायें कचरे से बना रही है कंचन
नारायणपुर में 4 टन कचरा करती हैं इकट्ठा
नारायणपुर 13 मई 2020 - स्वच्छता दीदियां नगर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर से बेहतर कर रही हैं। नगरीय क्षेत्र नारायणपुर में 13 पंजीकृत स्व सहायता समूह की 45 महिलाओं (स्वच्छता दीदियों) द्वारा शहर में रोजाना डोर-टू-डोर कलेक्शन कर लगभग 4 टन कचरा इकट्ठा किया जाता है। इसमें (1.6 टन सूखा और लगभग 2.4 टन गीला कचरा) शामिल है। इनमें मुख्यता सांई शक्ति, जय लक्ष्मी सारोन, मावली माता स्व सहायता समूह आदि के द्वारा नगर में निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को घरों एवं अन्य प्रतिष्ठानों से एकत्रित कर उसे मुख्यालय के नजदीक दो डंपिंग सेंटरों बखरूपारा और कुम्हारपारा स्थित मणि कंचन केन्द्र (डंपिंग सेंटर) की जागरूक महिलायें नगर को कचरे से मुक्त कर रही हैं और वे इसी कचरे से कंचन भी बना रही हैं। यानी कि उनकी अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है।
स्व सहायता समूहों से जुड़ी 45 महिलायें प्रतिदिन सवेरे-सवेरे घरों से 4 पिकअप वेन (छोटा हाथी) और 9 रिक्शों के जरिये इन महिलाओं द्वारा प्रतिदिन लगभग 4 टन कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। गीला एवं सूखा कचरा नीला और हरे डस्टबीन में एकत्रित करती हैं। वे डंपिंग सेंटर लाकर कचरे को रिसायकिल करती है। गीला कचरा और सूखा कचरा प्लास्टिक लोेहा, लक्कड़ एवं अन्य सामग्री को अलग कर कबाड़ी को बेच कर महिलाओं की अतिरिक्त आमदनी होती है।
गीले कचरे को डूमरतराई स्थित सॉलिड एंड कम्पोस्टि वेस्ट मेनेजमेंट को खाद बनाने हेतु भेजा जाता है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री अजय लाल सिंह ने बताया कि यहां खाद का प्रोसेस कर उसे आने वाले दिनों में किसानों को वितरित किया जायेगा। वर्तमान में महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रतिमाह 6 हजार रूपये का भुगतान नगर पालिका द्वारा किया जाता है। कोविड-19 के चलते सभी सावधानियां बरती जा रही है। महिलाओं द्वारा एकत्रित कचरे को इस्तेमाल से पहले हाईपोक्लोरीन छिड़काव कर सेनीटराईज किया जाता है। इसके एक घंटे के बाद स्वच्छता दीदियां इस कचरे को छांटकर अलग-अलग (सेग्रीगेशन) करती हैं। महिलाओं द्वारा इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
पाराशर/493
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