पढ़ेगा छत्तीसगढ़, आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़, शिक्षा देने बच्चों तक पहुंच रहे स्कूल, पढ़ाई पुनः शुरू होने से छात्रों में उत्साह


(रोहित साहू) सुकमा:- शिक्षा इंसान की मूल जरूरतों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। एक व्यक्ति के विकास में शिक्षा का अमूल्य योगदान होता है जिसकी बदौलत वह एक बेहतर समाज और प्रदेश का निर्माण करता है। कोरोना संक्रमण के इस भयावह दौर ने जैसे विकास की गति को धीमा कर दिया है,

 स्कूल कॉलेज सब बंद है और विद्यार्थी घर पर ही अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन की योजना पढ़ई तुन्हर दुआर के जरिए बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से पढ़ाया जा रहा है, किन्तु सुकमा जैसे वन क्षेत्र में इंटरनेट की सुचारू उपलब्धता नहीं होने के कारण हर छात्र तक पहुंच पाने में मुश्किल आ रही थी। सुकमा में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां इंटरनेट ठीक से नहीं चलता, कई गावों में इंटरनेट सुविधा ही नहीं है ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती है साथ ही जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता है


 वहां भी ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन में कुछ परेशानी होती है। छात्र छात्राओं को पढ़ाई करने में परेशानी ना हो इसलिए जिला शिक्षा विभाग ने अब ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन भी शुरू कर दिया है। शिक्षक गांव गांव जाकर कहीं पेड़ के छांव में तो कहीं किसी छत के नीचे कक्षाएं संचालित कर रहे है, पूरे जिले में ऐसा ही किया जा रहा है ताकि बच्चों को पढ़ाई में नुकसान ना हो।

 शिक्षकों एवं छात्रों को फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखने, हमेशा चेहरे पर मास्क पहनने और बार बार हाथ धोने की सख्त हिदायत भी दी गई है जिसके कारण इन कक्षाओं में कोरोना संक्रमण से बचने के सारे एहतियात और सावधानी बरती जा रही हैं। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने कहा कि इस साल कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणामों में सुकमा जिले के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में दसवीं कक्षा में पहला और बारहवीं कक्षा में छंटा स्थान प्राप्त कर गौवनवित किया था।


 अगले साल भी सुकमा जिले को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना है जिसके लिए छात्रों की पढ़ाई का नुकसान ना हो इसीलिए ऑनलाइन सहित ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने शिक्षा विभाग के इस प्रयास के लिए सराहना कि साथ ही कक्षाओं में शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सावधानियां बरतने पर खुशी जाहिर की।

 
      जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे के प्रसाद द्वारा इन कक्षाओं का सतत अवलोकन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी जगह प्राथमिक, मिडिल एवं सेकंडरी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है और छात्रों में भी खासी रुचि दिख रही है। महीनों से स्कूलों के बंद होने के कारण पढ़ाई में बहुत नुकसान हुआ था लेकिन अब छात्रों को इस बात की खुशी है कि स्कूल स्वयं उन तक आकर शिक्षा पहुंचा रहा है। उन्होंने शुक्रवार को विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री अल्फ्रेड सूना के साथ चिंगावरम, माडियारास, पड़वारास, कोर्रा,  माटेमरका, लेण्डीरास, और बुड़दी में संचालित कक्षाओं की व्यवस्था का अवलोकन किया तथा शिक्षकों एवं छात्रों को मार्गदर्शन दिया।


    वहीं आज छुट्टी के दिन भी उच्च प्राथमिक शाला कोण्टागांव के शिक्षकों के द्वारा मोहल्ला कक्षा का संचालन किया गया जिसका अवलोकन जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे के प्रसाद, सहायक आयुक्त श्री बद्रीश कुमार सुखदेवे और जिला मिशन समन्वयक श्री श्याम सिंह चैहान ने किया। इस दौरान विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एस के दीप, विकासखण्ड स्रोत समन्वयक महेंद्र बहादुर सिंह, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री पी श्रीनिवास एवं संस्था प्रमुख तथा ब्लॉक नोडल टी श्रीनिवास वासु उपस्थित थे।


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