सुकमा वासी भी चख सकेंगे चीला, फरा और मालपुआ का स्वाद, जिला कार्यालय परिसर में संचालित केंटीन में गढ़कलेवा का शुभारंभ।
(रोहित साहू) सुकमा:-
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हरीश कवासी ने जिला पंचायत परिसर में गढ़कलेवा का शुभारंभ कर जिलावासियों को इसकी सौगात दी। सुकमा वासी भी अब चीला, फरा और मालपुआ समेत कई छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नूतन कुमार कंवर भी उपस्थित थे।
जिला कार्यालय परिसर में संचालित कैंटिन में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की पहल पर स्थापित गढ़कलेवा का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना से जुड़ी दुर्गा महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जायेगा। यहाँ 32 प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन फिलहाल उपलब्ध होंगे, जिनमें चाउंर चीला, बेसन चीला, फरा, मुठिया, चाउंर धुसका, वेज धुसका, चाउंर रोटी अंगाकर, चाउंर रोटी पातर, बफौरी सादा, बफौरी मिक्स दाल, चउंसेला, नमकीन देहरउरी, हथ फोड़वा, बरा उरीद, बरा मूंग, बबरा, देहरउरी, मालपुआ, दूधफरा, अईरसा, ठेठरी, खुरमी, बिड़िया, पिड़िया, पपची, पूरन लाड़ू, करी लाड़ू, बूंदी लाड़ू, मुर्रा लाड़ू, लाई लाड़ू, खाजा, कोचई पपची आदि शामिल हैं।
शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हरीश कवासी लखमा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति एवं विरासत को सहेजकर रखने की छत्तीसगढ़ शासन की एक पहल के अंतर्गत जिले में गढ़कलेवा का शुभारंभ किया गया है इसमें सभी को संस्कृति से जोड़े रखने की शासन की अच्छी पहल है।
गढ़कलेवा के संचालन के लिये स्थानीय स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ी व्यंजन का स्वाद कोई भी व्यक्ति परिसर में आकर ले सकता है।
श्री नूतन कुमार कंवर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति व परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण गढ़कलेवा है।
इसमें स्थानीय महिलाओं को उनके आजीविका संवर्धन का लाभ तो मिलेगा ही साथ ही समस्त सुकमा जिलेवासी को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा।
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