गोधन न्याय योजनांतर्गत आर्थिक तरक्की के लिए वर्मी कम्पोस्ट बनाने में जुटी समूह की महिलाएं 47 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद विक्रय करने से 37 हजार रूपये हुए प्राप्त गोधन न्याय योजना से आने वाले समय में समूह की महिलाओं को मिलेेंगे बड़े लाभ


(गैंदलाल मरकाम) नारायणपुर:- कोविड-19 के कारण देश-दुनिया का जन-जीवन प्रभावित हुआ लेकिन अगर कोई एक बात प्रभावित नहीं हुई, तो वो थी मुख्यमंत्री श्री बघेल की पशुपालक ग्रामीणों एवं किसानों के प्रति संवेदनशील मानसिकता और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में उनकी जिद। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गोधन के संरक्षण, सवंर्धन और वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन को बढावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गोधन न्याय योजना की शुरुआत की है। नारायणपुर जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने आर्थिक संबलीकरण के लिए बुलंद हौसलों के साथ वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के काम में जुटी हुई है। महिलाएं अपने तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने तथा जैविक उपज को बढ़ावा देने के लिए लगन के साथ लगी हुई है। इन महिलाओं को समूहों में जोड़कर विविध गतिविधियों से जोड़ा गया है तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने प्रशिक्षण भी दिया गया है। नारायणपुर विकासखंड के ग्राम भाटपाल के माँ दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट बनाने के कार्य से जोड़ा गया है। बिहान के तहत गठित समूह की महिलाएं उत्साह के साथ गौठानो में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने का कार्य कर रही हैं।


    समूह की महिलाओं का कहना है कि वे अपने गाँव और परिवार के लिए कुछ करना चाहती हैं। गौठान में भी कुशल मजदूरों की आवश्यकता थी और महिलाओं को भी आर्थिक मोर्चे पर कुछ कर गुजरने की जरूरत है, इसलिए शासन ने पहल करते हुए समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के कार्य से जोड़ा है। माँ दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह, भाटपाल की महिलाओं ने बताया कि समूह द्वारा अब तक कुल 47 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर विक्रय करने से 37 हजार रूपये प्राप्त हुए हैं। समूह की महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांव के आर्थिक विकास के लिए गौठान का निर्माण किया है तथा गोधन न्याय योजना लागू की है ताकि गोबर खरीदी कर वर्मी कम्पोस्ट बना सके। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार बनते ही हमारे गांव में गौठान स्थापित की गई थी। लेकिन गोबर कम मात्रा में मिलने या नहीं मिलने से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम निरंतर नहीं हो पा रहा था। गोधन न्याय योजना के लागू हो जाने से अब वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए गोबर की कमी नही हो रही है, पर्याप्त मात्रा में गोबर मिल रहा है। गोधन न्याय योजनांतर्गत भाटपाल गौठान में 6 क्विंटल गोबर की खरीदी की गयी है। इस गोबर को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनने हेतु टांका में डाला गया है। निर्धारित समय के बाद उसे निकाल कर कृषि आधारित कार्यालयों, किसानों आदि को 8 रूपये प्रति किलो की दर से बेचा जायेगा। 


 महिला समूह को गौठान में काम करने का लंबे समय से अनुभव है, समूह की महिलाओ का कहना है कि वे पूरी मेहनत के साथ कार्य कर रही हैं। गोधन न्याय योजना से जो उम्मीद है और शासन की जो मंशा है, उसके अनुसार निश्चित रूप से आने वाले समय में महिलाओं को आर्थिक रूप से बड़े लाभ मिलेंगे, वे अपने परिवार की तरक्की में सहायक बनेंगी।

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