सर्व आदिवासी समाज द्वारा सर्कल एवं ब्लॉक स्तर पर मूल दिवस सफलता पूर्वक मनाई गई।
(गैंदलाल मरकाम) दुर्गुकोंदल:- सर्व आदिवासी समाज द्वारा सर्कल एवं ब्लॉक स्तर पर मूल दिवस सफलता पूर्वक मनाई गई।विश्व आदिवासी दिवस राष्ट्रीय स्तर पर 1994 से प्रतिवर्ष यह त्यौहार एवं पर्व के रूप में मनाई जाती है लेकिन इस बार कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए समाज द्वारा सर्कल एवं ब्लाक स्तर पर मनाने का फैसला लिया गया वही सर्कल कोदापाखा में 12 गांव के सर्व आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा खेल मैदान में बड़ी धूमधाम से मनाई गई सर्वप्रथम ग्राम की शीतला मंदिर में पूजा अर्चना दीप प्रज्वलित कर इष्ट देव को सुमिरन करके एक तीर एक कमान सर्व आदिवासी एक समान की नारा लगाते हुए कार्यक्रम की शुभारंभ की गई।इस कार्यक्रम में 12 गांव के गायता पटेल सहित बड़ी संख्या में छाता एवं भीगते हुए अपना समाज तथा मूल निवासियों का कर्तव्य निभाते हुए उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं एवं आदिवासी समाज के युवा प्रकोष्ठ ब्लॉक अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को विश्व आदिवासी दिवस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की सन 1982 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित की गई है।और सभी समाज को प्राथमिकता देते हुए अपना सर्व आदिवासी समाज को 9 अगस्त मूल दिवस यानी सर्व आदिवासी दिवस मनाने का फैसला दिया गया।जिसके बाद 1994 से प्रतिवर्ष एसटी एससी ओबीसी वर्ग के लोगों द्वारा मिलकर सफलतापूर्वक मनाते आ रहे हैं उन्होंने आगे कहा कि जल जंगल जमीन का भागीदार सर्वप्रथम मूल निवासियों को जाता है जिसमें हमारा पूर्ण अधिकार बनता है कार्यक्रम को अनुज खरे सरपंच ग्राम पंचायत मेंडो़ गुलाब बघेल अनुपा नरेटी ने उपस्थित लोगों को अपना वाचन रखते हुए कहा कि हमें समाज में एकता बनाए रखना है क्योंकि हमारा मूल अधिकार होने के बावजूद भी हम सभी क्षेत्रों में पिछड़ रहे हैं हमें समाज के प्रति आगे आना होगा उन्होंने आगे बताया कि हमें समाज के प्रति नारी सशक्तिकरण एवं शिक्षा के क्षेत्र पर काफी जोर देने की जरूरत है कार्यक्रम को सर्कल अध्यक्ष रमेश दुग्गा सचिव संपत नरेटी ब्लॉक महामंत्री जगत दुग्गा ने भी संबोधित किया संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारा समाज काफी पिछड़ा हुआ है और समाज पिछड़ने की मुख्य कारण अशिक्षा एवं नशाखोरी है युवा समाज आज के दौर में नशाखोरी की लत से गुजर रही है।जो परिवार एवं समाज पर सीधा प्रभाव पड़ता है जिसे हमें कंधे से कंधा मिलाकर जागरूकता एवं सुधार करने की जरूरत है।उन्होंने आगे बताया कि बस्तर संभाग पांचवी एवं छठवीं अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आती है।और जल जंगल जमीन पर पूर्ण रूप से हमारा भागीदारी बनता है हमें संविधान एवं शासन प्रशासन से पूर्ण अधिकार मान्यता प्राप्त है जिसे हमें पालन करते हुए समाज के लोगों को जागरूक करने की जरूरत है सर्व आदिवासी समाज के जिला सदस्य दिनेश नरेटी शिवप्रसाद बघेल रमशिला कोमरा आयनु ध्रुव ने भी कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया संबोधन में उन्होंने नारी सशक्तिकरण एवं बेरोजगारी अशिक्षा से बिछड़ता हुआ समाज के बारे में संक्षेप जानकारी देते हुए बताया कि हमें सर्व आदिवासी समाज के नारी सशक्तिकरण पर जोर देने की जरूरत है और समाज के सभी वर्ग के लोग शिक्षा से वंचित ना रहे क्योंकि शिक्षा से ही हम मूल कर्तव्य एवं अपना अधिकार को जान पाते हैं सर्व आदिवासी समाज के युवक युवतियों द्वारा गोंडी नृत्य की गई जिसमें समाज के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लिए।इस कार्यक्रम में शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय कोदापाखा के डॉक्टर केवी गोपाल के दिशा निर्देशन पर कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे समाज के प्रत्येक लोगों को इंफ्रारेड मशीन के द्वारा जांच की गई और काड़ा युक्त चाय समाज के प्रत्येक लोगों को पिलाई गई साथ में मास्क काढ़ा एवं सर्दी खांसी की आयुर्वेदिक औषधि उपलब्ध की गई इस सर्व आदिवासी समाज का सफल माइक संचालन दिनेश नरेटी के द्वारा की गई।
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