कुक्कुट पालन ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह, कुक्कुट वितरण योजना से महिला स्व सहायता समूहों को मिली आर्थिक समृद्धि


(रोहित साहू) सुकमा:- गरीबीमुक्त सुकमा का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के इस सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न रोजगारमूलक कार्यक्रम संचालित की जा रही हैं। विशेषकर स्वसहायता समूहों के माध्यम से जुड़ी महिलाओं को रोजगारमूलक कार्यों से जोड़ा जा रहा है।


मुख्यमंत्री श्री बघेल के गरीबीमुक्त सुकमा के सपने को साकार करने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा कुक्कुटपालन के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं और महिलाएं घर के काम काज के साथ-साथ कुक्कुट पालन में भी रूचि दिखाने लगी है। अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कुक्कुट पालन को व्यवसाय के रूप में अपना रही हैं।


पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डाॅ. एस जहीरुद्दीन ने बताया कि शासन की बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को मुर्गी पालन के लिए प्रशिक्षण देकर चूजे प्रदान किए जा रहे हैं जिनसे वे अतिरिक्त लाभ कमा रही है। पशुधन विकास विभाग द्वारा कुक्कुट पालन के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे आसानी से व्यावसायिक कुक्कुट पालन कर सकें। गोठानों में संचालित महिला स्व-सहायता समूहों के अलावा व्यक्तिगत स्तर पर भी महिलाओं को कुक्कुट वितरण किया जा रहा है। साथ ही उन्हें मुर्गीपालन करने एवं रख रखाव के सबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे इस योजना को व्यवसाय के रूप में जोड़कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं।


कुक्कुट पालन में रूचि रखने वाले इच्छुक हितग्राहियों, संचालित गौठानों में पंजीकृत समिति, गौठान ग्राम के ग्रामीण एवं महिला समूहों को आजीविका संवर्धन हेतु प्रति हितग्राही 28 दिवसीय 45 नग उन्नत नस्ल के चूजे, आहार के लिए 16.5 किलो दाना और आवश्यक दवाईयों के साथ ही जरुरी प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 75 प्रतिशत ग्रामीणों द्वारा मुर्गीपालन किया जाता है परन्तु देशी नस्ल की मुर्गियों में अण्डा उत्पादन दर कम है तथा औसत शरीर विकास वृद्धि कम होने के कारण उनसे मुनाफा नहीं मिलता, वहीं उन्नत नस्ल के मुर्गियों को बाजार में प्रति किलो 500 रूपये की दर से विक्रय कर लगभग 20,000 से 22,000 रूपये तक आमदनी होती है। वर्ष 2020-21 में सुकमा जिले में 150 यूनिट बैकयार्ड कुक्कुट चूजों का वितरण किया गया है जिससे 150 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।

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