खेती की रखवाली में समय नहीं होगा बर्बाद:- जिपं अध्यक्ष श्री हरीश कवासी, फसलों को पशुओं से बचाने रोका-छेका की हुई शुरुआत।
(रोहित साहू) सुकमा:- पशुओं के खुले में घुमने से होने वाली समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ की परम्परा ‘रोका-छेका की शुरुआत आज सुकमा जिले में की गई। सुकमा जिले के विभिन्न गांवों में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने फसलों को पशुओं से बचाने के लिए उन्हें खुला नहीं छोड़ने की शपथ ली।
मुख्य कार्यक्रम रामपुरम ग्राम पंचायत के गीदम नाला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री हरीश कवासी ने किया। इस अवसर पर सुकमा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री जगन्नाथ साहू, कलेक्टर श्री चंदन कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नुतन कुमार कुंवर सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और पशुपालक ग्रामीण उपस्थित थे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हरीश ने कहा कि धान का फसल लगाने के साथ ही ग्रामीणों को खेती की रखवाली करनी पड़ती है। इससे परिवार के सदस्य खेतों की रखवाली में पूरी तरह से व्यस्त होने के कारण कामकाज में नहीं जा पाता है और इससे परिवार की आय घट जाती है। किसानों को होने वाली इस समस्या के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गांवों में गौठान बनाए जा रहे हैं। फसल को पशुओं से बचाने के लिए उन्हें खुला नहीं छोड़ने में सभी ग्रामीण सहयोग करें।
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