शिवसेना द्वारा वनमंडल नारायणपुर में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर वन मंडल अधिकारी डी के एस चौहान नारायणपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को ज्ञापन सौंपकर..
(गैंदलाल मरकाम):- वनमंडलाधिकारी नारायणपुर श्री डी.के. एस चौहान के संरक्षण में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार कि जांच की मांग किया है। विदित हो कि वनमंडल नारायणपुर में जबसे प्रभारी वनमंडलाधिकारी के पद पद पर श्री डी.के. एस चौहान जी को पदस्थ किया गया है उनके द्वारा विकास एवं वन विभाग के कार्यो में अपने अधीननस्थों के माध्यम से खुलेआम फर्जी बिल व्हाऊचर मस्टररोल बनवाकर करोड़ो रूपयों का भ्रष्टाचार किया जा रहा है क्योंकि इनकी पदस्थिति अल्पकालीन थी ऐसी स्थिति में जितना लूट सको लूटने का कार्य किया जा रहा है।
प्रभारी वनमंडलाधिकारी श्री डी.के.एस. चौहान का वस्तुतः वर्तमान पद उप वनमंडलाधिकारी का है। इन्हें प्रभार पूर्व पदस्थ वनमंडलाधिकारी का स्थानांतरण होने पर भारमुक्त करने के लिए पदस्थ किया गया था किन्तु इनके द्वारा उच्चाधिकारियों से मिलीभगत कर नारायणपुर में किसी योग्य भारतीय वन सेवा के अधिकारी की पदस्थापना होने नही दिया गया जबकि वहां तत्काल भारतीय वन सेवा अधिकारी की पदस्थापना होनी थी।
भारतीय वनसेवा के मण्डलाधिकारी की पदस्थिति न होने की दशा में इनके द्वारा बहुतायत रूप से अनियिमिता कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है जबकि मुख्यालय में कई भारतीय वन सेवा के योग्य वनमंडलाधिकारी पदस्थ है। ऐसी स्थिति में किसी योग्य भारतीय वनसेवा के योग्य अधिकारी की पदस्थिति तत्काल किया जाना अत्यंत आवश्यक था। नारायणपुर वनमंडल का सम्पूर्ण क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है।
वनमंडल के अंतर्गत समस्त क्षेत्र के आदिवासी एवं आम जनता का आय का 70ः प्रतिशत साधन वनोपज पर आधारित है। वनोपज का संग्रहण एवं उनका विक्रय का उचित मूल्य प्रदान किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करना वनमंडलाधिकारी का कर्तव्य होता है ताकि आम लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके तथा शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं में सम्पादित कार्यो से आम लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकें एवं क्षेत्र विकास हो सकें। शिवसेना द्वारा प्रभारी अधिकारी श्री डी.के.एस. चैहान प्रभारी वनमंडलाधिकारी से सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिनांक 12/03/2020 जानकारी हेतु आवेदन सौंपा गया किन्तु उनके द्वारा भ्रष्टाचार उजागर हो जाने के भय से जानकारी नहीं दी जा रही थी एवं गोलमोल जवाब देकर हमें घुमाया जा रहा है। इस प्रकार सूचना के अधिकार नियम का मजाक उड़ाया जाता रहा है। एवं खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है जबकि सम्पादित कार्यो में पूर्ण पारदर्शिता होना चाहिए जिससे प्रदेश में वर्तमान सरकार की छवि धुमिल न होने पावे एवं आम जनता में सरकार के प्रति अटुट विश्वास बना रहे। शिवसेना द्वारा ज्ञापन की प्रति वनविभाग के समस्त अधिकारियों को सौंपा गया है एवं प्रशासन को भी सौंपा गया है अगर सरकार द्वारा अविलम्ब इन पर कार्यवाही नही की जाती तो शिवसेना द्वारा जन आंदोलन प्रारंभ किया जावेगा । डॉक्टर अरुण पांडे प्रदेश सचिव युवा सेना रायपुर
Comments
Post a Comment
Thank You