दिव्यांग रयमती के लिए जीवन का सहारा बनेंगी ट्रायसिकल
गैंदलाल मरकाम संवाददाता
जिला नारायणपुर की रिपोर्ट.
दिव्यांग रयमती के लिए जीवन का सहारा बनेंगी ट्रायसिकल
करुणा फाउंडेशन के सर्वे अनुसार दो दिवसीय समस्या निवारण शिविर में दिव्यांगों को मिली ट्राई साइकिल
जिला प्रषासन द्वारा मेसो राम और रामु को दी गयी वृद्ध छड़ी नारायणपुर -छोटे-छोटे नेक काम किसी गरीब और वंचित व्यक्ति की जिदंगी की दिशा बदल देते हैं। जिला कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा की गई एक छोटी सी पहल, एक ऐसी ही मिसाल साबित हुई। शायद जिला कलेक्टर खुद नहीं जानते थे कि उनके द्वारा दिए गए निर्देश से इन नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार के साथ साथ दिव्यांग और वृद्धजनों की इतनी बड़ी सहायता हो पाएगी। समूचे प्रदेष में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों के उत्थान व कल्याण के लिए राज्य सरकार भरसक प्रयास कर रही है। सरकार दिव्यांगजनों तथा वृद्धजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर उनके जीवन में खुशहाली लाने का काम कर रही है।
गढ़बंेगाल निवासी रयमती पैरों से दिव्यांग है। जन्म से ही वह पैरों से चलने में अक्षम है। बड़ी होने पर उसे अपनी जीवनचर्या के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ता था अथवा परिवार वालों की सहायता से कुछ कर पाती थी। उसे कहीं भी आने जाने के लिए बैसाखी के सहारे चलना पड़ता था। लेकिन अब रयमती की बैसाखी पर निर्भरता बहुत कम हो गई है। क्योंकि उसे अब समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्रायसिकल दे दी गयी है। मुश्किलों को आसान करने वाली ट्रायसिकल मिल जाने से रयमती बहुत खुश है। नारायणपुर जिले के गढ़बेंगाल निवासी रयमती को 7 जून को शांति नगर में आयोजित शिविर में ट्रायसिकल प्रदान की गई। रयमती ने बताया कि घर से बाहर कहीं दूर जाने के लिए उसे परिवार के अन्य सदस्यों की मदद लेनी पड़ती थी। बैसाखी के सहारे वी अपने घर में तो चल फिर सकती थी लेकिन बाहर या अन्य दूर के स्थान पर जाने में उसे बहुत कठिनाई होती थी। अब चलने वाली ट्रायसिकल मिलने से उसकी मुश्किल आसान हो गई है और उसकी परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भरता भी कम हो गई है।
जिला प्रषासन द्वारा करुणा फाउंडेशन सर्वे व पहल से शांति नगर में 7 जून को आयोजित शिविर में 55 वर्षीय बुजुर्ग श्री मेसो राम और श्री रामु वड्डे के लिए वरदान साबित हुई। दोनो वृद्ध जब अपनी लकड़ी से बनी डंडा लेकर शिविर आए तब उसे यह नहीं पता था कि उन्हें आज ही इसी शिविर में छड़ी दे दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सुश्री बरखा मिहिर ने इन वृद्धजनों से सामान्य दस्तावेज लेकर इन्हें वृद्ध छड़ी प्रदान की गई। अब ये वृद्ध अपने घर से लाये डंडे को कंधे में रखकर समाज कल्याण विभाग द्वारा दिये छड़ी के सहारे चलकर घर खुशी-खुशी घर पहुँचे। सभी दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों ने जिला कलेक्टर की इस त्वरित कार्यवाही के लिए आभार जताते हुए कहा कि शिविर के दौरान विभागों की समन्वयपूर्ण कार्यवाही से वे राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर पायें हैं।

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