बारिस के मौसम में पानी को तरस रहे झलियारास की महिलाएं,
बताई समाजसेविका अधिवक्ता दीपिका शोरी को अपनी समस्याएं
(रोहित साहू) सुकमा:- सुकमा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच कितनी है व कितनी समस्याओं से जूझ रहे हैं ग्रामीण इन सभी बातों को प्रशासन के सम्मुख रखने का बीड़ा उठाये दृण संकल्पित समाज सेविका अधिवक्ता दीपिका शोरी सुकमा जिले के ग्रामपंचायत झीरमपाल के ग्राम झलियारास पहुंची जहाँ ग्रामीण अनेकों समस्याओं से जूझ रहे हैं
परन्तु सबसे बड़ी इनकी कोई समस्या है तो वह पानी से सम्बंधित है इस भारी बरसात में भी यहाँ के ग्रामीण पेयजल हेतु तरस रहे हैं, सुश्री शोरी ने ग्रामीणों के द्वारा दिखाए गए हैंडपंप से पानी निकाल कर देखा उन्होंने बताया कि तीस से चालीस बार हैंडपंप चलाने के बाद थोड़ा थोड़ा सा पानी ही निकल पाया उन्होंने कहा कि जब इस भरी बरसात में ऐसी स्तिथि है तो आने वाले गर्मी के दिनों में यह समस्या कितनी विकराल हो सकती है यह एक सोचनीय प्रश्न है
20 हैंडपंप एक भी स्नानागार नहीं है
सुश्री शोरी ने बताया कि झलियारास में लगभग 150 घर हैं जहां लगभग 856 मतदाता व लगभग 1200 की जनसंख्या वाले इस गाँव में 7 मोहल्ले हैं व इस गाँव मे लगभग 20 हैंडपंप हैं परन्तु सबसे दुखद व शर्मनाक बात यह है इन हैंडपंपों में महिलाओं के स्नान हेतु कोई व्यवस्था नहीं है यहाँ की महिलाओं ने बताया कि हमे खुले में स्नान करने में बेहद शर्मिंदगी महसूस होती है ,प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द इस गाँव में स्नानागार की व्यवस्था हो जिससे महिलाओं को शर्मिंदगी से निजात मिल सके ।
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