मनोहर सेन द्वारा पार्टी को बदनाम करने बयान बाज़ी करने पर युवासेना कार्यालय का पलटवार

खैरागढ़ में जो पहचान बनी वह शिवसेना की देन, अब बर्खास्तगी के बाद पार्टी को ही कर रहें बदनाम



(गैंदलाल मरकाम) राजनांदगांव / खैरागढ़ । ख़ैरागढ़ विधानसभा के लिए शिवसेना की युवा इकाई का दायित्व मनोहर सेन को बतौर विधानसभा अध्यक्ष दिया गया था। बीते दिनों युवासेना कार्यालय से 21 सितंबर 2020 को पत्र जारी करते हुए समस्त क्षेत्रों में पार्टी की रूपरेखा से अवगत कराने का निर्देश जारी किया गया था, और यह अपने पद को बचाने के लिए उनके लिए अब संघर्ष बन चुका था।

निश्चित रूप से उन्होंने पार्टी छोड़ने की चर्चा पदाधिकारियों से की थी, लेकिन इसका कारण वह नही जो वे समाचार पत्रों के माध्यम से बता रहे हैं। संगठन के उच्च पदाधिकारियों द्वारा उक्त विषय पर स्थानीय नेताओं व अन्य स्रोतों के माध्यम से उन्हे अन्य राजनैतिक पक्ष के संपर्क में होना व आगामी नगरीय निकाय चुनाव में उनके पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रचार करना भी पाया गया, जिसके बाद कार्यालयीन प्रक्रियाओं के तहत उन्हें सर्वप्रथम पद से बर्खास्त किया गया तत्पश्चात प्राथमिक सदस्यता से भी।

युवासेना के प्रदेश सचिव अरुण पाण्डेय् ने बताया कि इस नगरीय निकाय चुनाव में संगठन के द्वारा उन्हें पार्षद पद हेतु टिकिट दिए जाने और उनके पक्ष में प्रचार के लिए एक रूपरेखा बनाई जा चुकी थी। लेकिन विरोधी दल के बहकावे में आकर उन्होंने सब स्वयं के पैर में कुल्हाड़ी मार ली है, और उन्ही लोगों के बहकावे में आकर उज़ूल फ़िज़ूल बाते सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से फ़ैला रहे हैं।

शिवसेना की लोकप्रियता और प्रदेश प्रमुख धनजंय सिंह परिहार जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण हेतु संघर्ष का गौरवशाली इतिहास युवाओं को स्वतः ही संगठन के तरफ़ आकर्षित करता है।

चूंकि खैरागढ़ में नगरीय निकाय चुनाव का माहौल है और ऐसे में सभी दल अपने वोट प्रतिशत को बढ़ाने का प्रयास करते हैं, मनोहर सेन द्वारा संगठन में रहते हुए अन्य दल के नेताओं के पक्ष में प्रचार करने का निर्णय लेना भी इसी का एक हिस्सा है, ऐसा क्यों हुआ इस पर चिंतन भी किया जाना होगा युवासेना के प्रदेश सचिव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है।

उन्होंने बताया कि मनोहर काफ़ी लंबे समय तक पार्टी में रहें व कई जन समस्याओं को उन्होंने उठाया है, लेकिन अब वे विरोधी पार्टीयों के नेताओं के छल में आ चुके हैं, और उन्ही के प्रभाव में आकर उज़ूल फ़िज़ूल बाते मीडिया में कर रहे हैं।

मात्र दो दिन हुए की मनोहर अब शिवसेना को बाला साहेब ठाकरे के विचारधारा से हट चुकी पार्टी बताने लगे हैं.. इस तरह के बयानबाज़ी पर युवासेना कार्यालय से जारी बयान में कहा गया हैकि मनोहर सेन विरोधियों के इशारों में बयान बाज़ी ना करें क्योंकि वे अभी इतने बड़े भी नही हुए हैं। उन्हें अपनी वास्तविक स्तिथी को समझते हुए ही कोई कदम उठाना चाहिए, ऐसी नसीयत भी उन्हें दिया गया है, साथ ही मनोहर सेन के साथ इतने वर्षों से रहे संबंध को ध्यान रखते हुए उन्हें सद्बुद्धि देने की ईश्वर से प्राथना करते हुए भविष्य में शिवसेना या किसी पदाधिकारी के विषय में उज़ूल फ़िज़ूल बयानबाज़ी करने की स्थिति में प्रदेश प्रमुख व ज़िला प्रभारी के आदेशानुसार एफआईआर दर्ज़ करवाने की बात कही गई है।

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